सरकारी जमीन पर सरकारी खर्चे से हज हाउस नहीं बनने देंगे: डॉ सुरेन्द्र जैन

प्रेस वक्तव्य:

सरकारी जमीन पर सरकारी खर्चे से हज हाउस नहीं बनने देंगे: डॉ सुरेन्द्र जैन

दिल्ली को जिहादियों की राजधानी बनाने से बाज आएं केजरीवाल

नई दिल्ली। अगस्त 11, 2021। दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार की हिन्दू-द्रोही व मुस्लिम तुष्टीकरण की नीतियों पर विश्व हिन्दू परिषद(विहिप) ने मोर्चा खोल दिया है। विहिप के केन्द्रीय संयुक्त महा-मंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने आज कहा कि गत कुछ वर्षों में दिल्ली सरकार ने मुस्लिम तुष्टीकरण, आतंकियों की पैरोकारी, हिन्दू मान-विंदुओं पर हमले तथा हिन्दू समाज के खून पसीने की कमाई को उन्हीं के विरुद्ध खर्च करने के अभूतपूर्व रिकार्ड बनाए हैं। इस कारण ऐसा लगता है कि दिल्ली आतंकवाद के ज्वालामुखी के मुहाने पर बैठी है। विश्व हिन्दू परिषद दिल्ली को जिहादियों व हिन्दू-द्रोहियों की राजधानी बनाने के उनके सपने को साकार नहीं होने देगी।

उन्होंने पूछा कि उत्तर प्रदेश में रहने वाले गौ-हत्यारे अखलाख व अन्य जिहादियों पर तो मुख्यमंत्री दिल्ली का धन दिल खोलकर लुटाते हैं किन्तु, जब बात अंकित सक्सेना, ध्रुव त्यागी, रिया गौतम, योगेश कुमार, डॉ पंकज नारंग, अंकित गर्ग, राहुल राजपूत, रतन लाल, अंकित शर्मा जैसे अनेक जिहादियों के शिकारों की आती है तो वे मुंह क्यों फेर लेते है? कोरोना से मृत्यु होने पर मुस्लिम डॉक्टर अनस मुजाहिद के परिजनों को तो मुस्तफाबाद जाकर एक करोड़ दे आते हैं किन्तु दिल्ली की जनता को नहीं पता कि डॉ केके अग्रवाल जैसे दर्जनों कोरोना योद्धा हिन्दू डॉक्टरों के लिए उन्होंने कुछ किया हो। बांग्लादेशी व रोहिंग्या मुसलमान घुसपैठियों तथा हज हाउस के रूप में जिहादियों के अड्डे तो इन्हें स्वीकार्य है किन्तु कथित हनुमान भक्त को उन्हीं का मंदिर क्यों नहीं सुहाता? मुल्ले/मौलवी/मुअज़्जिनों को तो ये बढ़ा हुआ वेतन भी देते हैं किन्तु, पुजारियों की कोविड संकट काल में भी सहायता से कतराते हैं। राजधानी में सार्वजनिक स्थानों पर सैंकड़ों अवैध मजारें इनके संरक्षण में फलफूल रही हैं।

डॉ जैन ने कहा कि दिल्ली में स्थानीय आरडब्लूए, ग्राम-पंचायतों के समूह तथा जन प्रतिनिधियों के प्रबल विरोध तथा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा सहित अनेक सुरक्षा चिंताओं को ताक पर रखते हुए दिल्ली की सरकार जिस प्रकार सरकारी जमीन पर सरकारी पैसे से हज हाउस बनाने पर आदी है उससे ऐसा प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री मुस्लिम वोट बेंक के लालच में औरंगजेब के अवतार बनने का ख्वाब देख रहे हैं।

देश की राजधानी लव जिहाद, धर्मांतरण व जिहादियों द्वारा लगातार की जा रही सामूहिक हिंसा की विभीषिका से त्रस्त है किन्तु अनेक बार लिखे जाने के बावजूद सरकार की तंद्रा नहीं टूटती। संवैधानिक पदों पर बैठे विधायक अमानतुल्ला खान द्वारा हिन्दू संत का सिर कलम करने की धमकी तथा शिव बिहार व सीलमपुर जैसे दंगों में आप नेताओं की भूमिका किसी से छुपी नहीं है। दिल्ली की असंख्य बेटियाँ इस्लामिक जिहादियों व चर्च के षड्यंत्रों की शिकार हो कर अपना जीवन बर्बाद कर चुकीं किन्तु सरकार मूक दर्शक बनी हुई है। दिल्ली में संसदीय कानूनों या केंद्र सरकार की नीतियों को असंवैधानिक रूप से कोसने के लिए तो विधान सभा का जम कर दुरुपयोग हुआ किन्तु, राज्य के नागरिकों को धर्मांतरण के अभिशाप से मुक्ति के लिए कोई प्रयास क्यों नहीं हुआ?

उन्होंने चेतावनी भरे स्वर में कहा कि राज्य सरकार हज हाउस के विचार को मन से त्याग, घुसपैठियों व जिहादियों की सेवा सुश्रुसा बंद कर हिन्दू समाज की भी चिंता करे। अन्यथा राजधानी का हिन्दू समाज सड़कों पर आने को मजबूर होगा।

जारी कर्ता:

विनोद बंसल, राष्ट्रीय प्रवक्ता, विश्व हिंदू परिषद।

Press Statement:
Won’t allow Haj House on govt land by Govt money: Dr Surendra Jain

Kejriwal should desist from making Delhi the capital of Jihadis

New Delhi, August 11, 2021 – The Vishva Hindu Parishad (VHP) has opened a front against the anti-Hindu and Muslim-appeasement policies of the Aam Aadmi Party (AAP) government of Delhi. VHP’s Central Joint General Secretary Dr Surendra Jain today said that in the last few years, Delhi Government has made an unprecedented record in appeasing Muslims, advocating for terrorists, attacking Hindu points of honour and expending and splashing around the hard-earned Hindu tax-payers’ money against the Hindus themselves! So, it seems, Delhi is sitting at the mouth of the volcano of radical Islamic terrorism! Vishva Hindu Parishad will not allow materialization of his hallucination of making Delhi the capital of Jihadi radicals and anti-Hindu anti-national elements!
Dr Jain asked that the Chief Minister spends the Delhi tax-payers’ money compliantly and openly on cow slaughterer Akhlakh and other Jihadis, but when it comes to the many victims like Ankit Saxena, Dhruv Tyagi, Riya Gautam, Yogesh Kumar, Dr. Pankaj Narang, Ankit Garg, Rahul Rajput, Ratan Lal, Ankit Sharma of Delhi, who fell to Jihadi manslaughter spree, why does he look the other way? On Corona death of Muslim doctor Anas Mujahid, he goes to Mustafabad and gives ₹ 10 million to his family, but the people of Delhi do not know if he has done something for dozens of corona warrior Hindu doctors like Dr. KK Agarwal who fell victim to the same pandemic! Bangladeshi and Rohingya Muslim infiltrators and Jihadi headquarters and hubs in the form of Haj houses are acceptable to him, but why is the so-called Hanuman devotee not affable and agreeable to Hanumanji’s temple? He also gives enhanced salaries to the Mullah/Maulvi/Muezzins, but shies away from helping the Pujari-Purohits even in times of the Covid pandemic crisis. Hundreds of illegal Mazars (graves and tombs) at public places in the capital are flourishing under their protection.

He said that in spite of the strong opposition from local RWAs, groups of village-Panchayats and public representatives in Delhi and many security concerns, including that of the International Airport, the way the Govt is bent on building the Haj House on government land with government money, only shows that, in the greed of Muslim vote bank, the Chief Minister is picturing of becoming an embodiment and byword of Aurangzeb.

The capital of the country is haunted and stricken by the horrors of love jihad, religious conversions and mass violence perpetrated by Jihadi radicals, but despite being written to many times, the government’s somnolence, lethargy and lassitude does not break. The threat of beheading a Hindu saint by AAP MLA Amanatullah Khan sitting on a constitutional post, and the role of AAP leaders in riots like that in Shiv Vihar and Seelampur are not hidden from anyone. Innumerable daughters of Delhi have ruined their lives by falling prey to the plots of Islamic Jihadis and the Church, but the government remains a mute spectator. In Delhi, the Legislative Assembly was heavily misused for unconstitutionally cursing parliamentary laws or the policies of the central government, but why no effort was made to liberate the citizens of the state from the curse of religious conversions? he further asked.

The VHP central leader warningly said that the state government should give up the idea of Haj House, stop serving the infiltrators and Jihadis and take care of the Hindu society too. Otherwise, the society of the national capital will be forced to come on the streets!

 

Issuer:

Vinod Bansal, National Spokesperson, Vishva Hindu Parishad.

@VHPDigital @vinod_bansal