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गुरु नानकदेव जी के 550वें प्रकटोत्सव को व्यापक स्तर पर मनाने के संकल्प से विहिप बैठक संपन्न

नई दिल्ली जून 30, 2019. विश्व हिन्दू परिषद् (विहिप) की केन्द्रीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक गुरू नानकदेव जी के 550 वें प्रकटोत्सव को देश भर में व्यापक स्तर पर मनाने के संकल्प के साथ आज जम्मू में संपन्न हुई. इस अवसर पर विहिप पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए विहिप के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष एडवोकेट श्री आलोक कुमार ने कहा कि गुरु नानकदेव जी महाराज की शिक्षाओं के मात्र तीन शब्द ‘किरतकर’ ‘बंडछड़’ व ‘नामजप’ पर ही व्यक्ति चल पड़े तो उसका कल्याण हो जाएगा. ‘किरतकर’ अर्थात् कर्म करो, ‘‘बंडछड़’ यानि बांटकर खाओ, व ‘नामजप’ यानि श्रद्धा व विश्वास के साथ प्रभु का ध्यान ये तीनों ही बातें विश्व हिन्दू परिषद् के कार्य का भी आधार है.  गुरु नानक देव जी महाराज की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने हेतु हमने तय किया है कि विश्व हिन्दू परिषद् उनके 550वें प्रकटोत्सव को देशव्यापी स्तर पर मनाएंगे.
कार्य विस्तार व संगठन की मजबूती की दृष्टि से विहिप के विविध पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है. श्री रंग राजू को केन्द्रीय उपाध्यक्ष, अरविंद भाई भट्ट को केन्द्रीय मंत्री(मठ-मंदिर प्रमुख), श्री हरीशंकर को केन्द्रीय वेद विद्यालय प्रमुख, श्री नरपत सिंह तथा सचिन चन्द्र को केन्द्रीय सह-मंत्री (सह विशेष सम्पर्क प्रमुख), श्री सुरेश को राजस्थान क्षेत्र का क्षेत्र मंत्री, श्री सपन मुखर्जी को कोलकाता क्षेत्र का संगठन मंत्री तथा श्री गौरी प्रसाद रथ को कोलकाता व गुवाहाटी क्षेत्र का सह-संगठन मंत्री बनाया गया है. इसके साथ श्री राजेश गुप्ता को जम्मू कश्मीर प्रांत का कार्याध्यक्ष बनाया गया है.
विहिप अध्यक्ष जस्टिस(रिटायर्ड) श्री विष्णु सदाशिव कोकजे की अध्यक्षता में कल प्रारम्भ हुई इस बैठक में सम्पूर्ण भारत के सभी राज्यों के लगभग 225 प्रतिनिधियों ने भाग लिया. जम्मू के संत पूज्य स्वामी दिनेश भारती जी की उपस्थिति में श्री राम जन्मभूमि तथा कश्मीर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि ये वे मुद्दे हैं जो भारत के जन-मन तथा राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़े होने के कारण इनके शीघ्र समाधान की आवश्यकता है. बैठक में गौरक्षा, गौ सम्वर्धन, धर्मान्तरण, सामाजिक समरसता, सेवा, शिक्षा, सुरक्षा, मठ-मंदिरों की व्यवस्था, संस्कारों व संस्कृत का विकास, वेद विद्यालयों में बढ़ोत्तरी इत्यादि विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई.
इनके अलावा बैठक के पहले दिन जम्मू कश्मीर राज्य की स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई और उस पर प्रबंध समिति ने दो प्रस्ताव पारित किए. एक जम्मू कश्मीर में तीर्थ स्थलों व तीर्थ यात्राओं के विकास को प्रोत्साहन देकर उसे धरती का स्वर्ग बनाने के सन्दर्भ में था तो दूसरा राज्य से अलगाववाद का समूल नाश कर  हिन्दू विरोधी नीतियों व प्रावधानों के कारण प्रदेश की स्थिति को और विस्फोटक बनने से रोकने के सन्दर्भ में था.
प्रस्ताव – 2 हिन्दू तीर्थस्थलों व तीर्थयात्राओं का विकास ही जम्मू-कश्मीर को धरती का स्वर्ग बना सकता है    
प्रस्ताव – 3 जम्मू कश्मीर में अलगाववादी व हिंदूविरोधी नीतियों व प्रावधानों के कारण विस्फोटक स्थिति

विनोद बंसल, राष्ट्रीय प्रवक्ता
विश्व हिन्दू परिषद्
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