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ओड़िशा का तूफ़ान व विश्व हिन्दू परिषद् द्वारा राहत कार्य

विश्व हिन्दू परिषद् के कार्याध्यक्ष एडवोकेट आलोक कुमार कार्यकर्ताओं के साथ तूफान प्रभावित ओड़िशा में विश्व हिन्दू परिषद् द्वारा चल रहें राहत कार्योको भेट।
हम तूफान प्रभावित क्षेत्र में अलग-अलग हिस्सों में 6 गाँव में गये जिनमे ओडूयाल, असरंग, बिलासची, कंचीसासम, चालीसबटिया, कोतोसिला शामिल है।
जो तूफान आया वह भयंकर था। मौसम विभाग की शब्दों में इसे एक्सट्रीमली सीवर सयाकोलोनिक स्टॉर्म कहते है। राजधानी भुवनेश्वर में भी जिन 2 जगहों पर हम गये उसमे से एक जगह वहां के समृद्ध(पौष) इलाको में थी। दोनों जगह बिजली अभी भी नही थी।
इस तूफान ने वहां के सारे बिजली सिस्टम को नष्ट कर दिया है। ऐसा बताया जाता है की 45000 किलोमीटर पॉवर लाइन्स और 11000 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर्स नष्ट हो गये है। तूफान ने खम्बे गिरा और ट्रांसफार्मर्स के टावर मुड़तुड़ कर जमीन पर पड़े है। एक मोटे अंदाजे के अनुसार गावों की बिजली आने में 6 से 8 महीने लग सकते है। घरों की छप्पर और टिन की छत उड़ गई है। लोगों को भोजन की आवश्यकता है। उससे भी ज्यादा पशुओं गाय और बकरी के लिए चारा भोजन की व्यवस्था है।
इस तूफान में पेड़ नष्ट हो गये है। सेंचुरी में साढ़े चार लाख से ज्यादा पेड़ नष्ट हो गये है। नारियल के पेड़ों की तबाही हो गई है। नये पेड़ लगाने से 3 से 5 साल तक फल का इंतज़ार करना पड़ता है। ये सारा ट्री कवर नष्ट हो जाने से धूल और ह्यूमिडिटी बढ़ गई है।
एक गमछा कमर में बांधे हुए सुनी आँखों से लोग रास्ता ताकते बैठे है। पुरी जिले के मंत्री श्री सत्यनारायण जी हमे मिले। उन्होंने 21 गाँव का सर्वे करके रिपोर्ट बनाया है। रिपोर्ट में गाँव के नाम, जनसँख्या, वहां के कुल घर, उन घरों की संख्या जो क्षतिग्रस्त हुए है, पशुधन की संख्या ऐसी सभी जानकारियां हैं। हमने उस वहां एक गाँव के लोगो को तिरपाल बांटी। इसके लिए विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उस गाँव के जरूरतमंद लोगो की सूची बनाई, उनको टोकन दिए और उस टोकन के आधार पर हमने तिरपाल वितरण किये।
यह संतोष की बात है की परिषद् के कार्यकर्ता ऐसे व्यवस्थित रूप से सहायता पहुंचा रहे है।
विश्व हिन्दू परिषद् ने इन सभी 6 गाँव में लोगो के भोजन की व्यवस्था की है। वहां के लोगो की 5 जरूरते है:
(i)    महिलाओं और बच्चो के लिए कपडे
(ii)    घरों की छतों के लिए तिरपाल
(iii)   सोलर लालटेन
(iv)   पशु आहार
(v)    भोजन
विश्व हिन्दू परिषद् ने पूरे समाज से अपील की है कि वह लोगों की सहायता के लिए उदारता से दान करे। हमने उन 6 गावों के लोगो को विश्वास दिलाया है की हम उनकी यथासंभव सहायता करेंगे।
इस तूफान में 21 लोगों की मृत्यु हो गई है। केंद्र सरकार बड़े पैमाने पर सहायता कर रही है। नष्ट हुए घरों को 95000 रूपये तक की सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सहायता पैकेज में 2000 रूपये और 50 किलो चावल की व्यवस्था है। यह सब चीजे जरूरतमंद लोगो तक पहुचाने के लिए विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ता सरकार और जनता के बीच में पुल का काम कर रहे है।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र में श्री जगन्नाथ भगवान् का मंदिर भी है। बताया जाता है की मंदिर की सम्पति को भी नुकसान पहुचा है। मुझे एक अख़बार में यह टिपण्णी पढ़ कर दुःख हुआ कि मंदिर ने अपने कोष में से तूफान राहत के लिए कुछ नही दिया।
हमे विश्वास है की समाज इस काम के लिए उदारता से धन देगा और हम संकट की इस घड़ी में ओड़िशा की जनता के साथ प्रभावी सहायता लेकर खड़े हो सकेंगे।
मेरे साथ विश्व हिन्दू परिषद् के अखिल भारतीय सेवा प्रमुख श्री नन्द लाल लोहिया, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नगेन देवता, संगठन मंत्री प्रशांत जी, परिषद् बजरंग दल के प्रदेश पदाधिकारी, समर्पण सेवा ट्रस्ट के पवित्र भाई, पुरी के विभाग मंत्री श्री उमाशंकर आचार्य  व अन्य पदाधिकारी भी थे।