स्वर्ण जयन्ती वर्ष कार्यक्रम

 

विश्व हिन्दू परिषद् स्वर्ण जयन्ती वर्ष कार्यक्रम

  •          (श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, 2014 से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, 2015) में किए जाने वाले के कार्यक्रम

(1) अगस्त, 2014

  •          स्वर्ण जयन्ती वर्ष उद्घाटन- सान्दीपनी आश्रम, पवई, मुम्बई – 16 व 17 अगस्त, 2014
  •          16 अगस्त- कार्यक्रम प्रातः 11.00 बजे से प्रारम्भ होकर 17 अगस्त दोपहर तक पूर्ण होगा।
  •          17 अगस्त (श्रीकृष्ण जन्माष्टमी) सायंकाल 4.00 बजे मुम्बई के षणखानन्द सभागार में मुम्बई के प्रतिष्ठित नागरिकों का कार्यक्रम।
  •          शोभायात्राएं- 17 व 18 अगस्त, 2014, प्रत्येक प्रखण्ड में।

(2) सितम्बर, 2014

  •          दुर्गा सप्तशती के सामूहिक पाठ-

शारदीय नवरात्र 25 सितम्बर से 04 अक्टूबर, 2014 (विजयादशमी) के मध्य  दुर्गा सप्तशती के सामूहिक पाठ – मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी।

(3) अक्टूबर, 2014

  •          बजरंग दल राष्ट्रीय अधिवेशन- अक्टूबर, 2014 प्रथम सप्ताह।
  •          गो-पूजन- गोपाष्टमी 31 अक्टूबर, 2014 (कार्तिक शुक्ल अष्टमी) को अधिक से अधिक स्थानों पर गो-पूजन के कार्यक्रम होंगे।

(4) नवम्बर, 2014

  •          रक्तदान- रविवार 02 नवम्बर, 2014 को बजरंग दल की ओर से देशभर में रक्तदान (एक लाख यूनिट रक्तदान का संकल्प) अधिक से अधिक स्थानों पर हो।
  •          नेत्रदान- स्वर्ण जयन्ती वर्ष में हिन्दू समाज से नेत्रदान के संकल्प कराए जाएं।
  •          श्रीराम बारात- अयोध्या से जनकपुर (नेपाल) तक 17 से 29 नवम्बर, 2014
  •          वर्ल्ड हिन्दू कांग्रेस- 21, 22 व 23 नवम्बर, 2014-दिल्ली, विश्व विभाग द्वारा आयोजित।

(5) नवम्बर, दिसम्बर, 2014 एवं जनवरी, फरवरी, 2015

  •          नवम्बर, दिसम्बर 2014 एवं जनवरी-फरवरी, 2015 जिला स्तरीय हिन्दू सम्मेलन- जिले के किसी एक स्थान पर सम्पूर्ण जिले का हिन्दू सम्मेलन।
  •          विशाल हिन्दू सम्मेलन-
  •          मुम्बई-14 दिसम्बर, 2014,
  •          कोलकाता-20 दिसम्बर, 2014,
  •          भोपाल-21 दिसम्बर, 2014,
  •          बंगलुरु- 8 फरवरी, 2015,
  •          दिल्ली-22 फरवरी, 2015 बड़े स्तर पर हिन्दू सम्मेलन होंगे।
  •          आयामों के कार्यक्रम-
  •          मातृशक्ति की ओर से प्रत्येक विभाग के किसी एक केन्द्र पर 150 से 200 संख्या तक का महिलाओं का दो से तीन घंटे का एक कार्यक्रम।
  •          दुर्गावाहिनी की ओर से वर्षभर किसी भी सुविधाजनक तिथि को सम आयु की बहनों की एक गोष्ठी प्रत्येक संयोजिका करे।
  •          धर्मप्रसार विभाग की ओर से भी प्रत्येक विभाग में किसी एक स्थान पर कार्यक्रम होंगे।
  •          सेवा विभाग देश के 12 स्थानों पर ‘‘सेवा कुम्भ’’ नाम से अपने कार्यक्रम सम्पन्न करेगा। ये स्थान हैं- केरल, आन्ध्र, कर्नाटक, कोंकण, पश्चिम महाराष्ट्र, विदर्भ-देवगिरि, गुजरात, बंगाल, उड़ीसा, उत्तराखण्ड, काशी प्रान्त एवं गुवाहाटी क्षेत्र।
  •          सामाजिक समरसता अभियान की ओर से देश के 5 स्थानों पर समरसता सम्मेलन होंगे। प्रत्येक जिले में 500 परिवारों को दत्तक लिया जाएगा। एक प्रान्त में समरसता अभियान के 50 कार्यक्रम होंगे- जैसे समरसता यात्रा, गोष्ठी, सहभोज, सन्तों की पदयात्रा, महापुरुषों की जयन्ती, छात्रावास गोष्ठी, जाति-बिरादरी मुखियाओं की बैठक आदि।
  •          गीता जयन्ती महोत्सव- 02 दिसम्बर, 2014 (भारत संस्कृत परिषद द्वारा कार्यक्रम होंगे)

(6) मार्च, अप्रैल, 2015

  •          श्रीराम महोत्सव- वर्ष प्रतिपदा 21 मार्च, 2015 से हनुमान जयन्ती 04 अप्रैल, 2015 तक विश्व हिन्दू परिषद की प्रत्येक इकाई द्वारा (ग्राम शिक्षा मन्दिर सहित) सभी सत्संग, सभी सेवा प्रकल्पों पर श्रीराम महोत्सव के कार्यक्रम। एक लाख कार्यक्रमों का लक्ष्य।
  •          अखिल भारतीय संस्कृत सम्मेलन- स्थान-वृन्दावन – 25, 26 व 27 अप्रैल, 2015

(7) मई, जून, जुलाई, अगस्त, 2015

  •          वृक्षारोपण- तुलसी रोपण, 17 जून से 16 जुलाई, 2015 पुरुषोत्तम मास में घरों में तुलसी पौधा रोपण, वृक्षों का रोपण जिसमें एक वट-वृक्ष हो। इन वृक्षों की एक वर्ष तक देखभाल करना, सेवा करना। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के लिए होगा।

(8) सितम्बर, 2015

  •          स्वर्ण जयन्ती आयोजन के समापन कार्यक्रम- 01 से 06 सितम्बर, 2015 तक प्रत्येक उस स्थान पर जहाँ सत्संग चलता है, समापन कार्यक्रम करेंगे।
  •          नासिक कुम्भ में साध्वी सम्मेलन, किसी उपयुक्त तिथि पर।
  •          06 सितम्बर, 2015 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को नासिक पूर्णकुम्भ में सन्तों का विशाल समागम करेंगे।

    चम्पतराय – महामंत्री-विश्व हिन्दू परिषद