हिंदुओं की रक्षा हेतु बंग्लादेश से कड़ाई से बात करे भारत सरकार: डॉ सुरेन्द्र जैन भारतीय सांसदों का एक जांच दल बंग्लादेश भेजा जाए


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प्रेस विज्ञप्ति:

नई दिल्ली। अक्टूबर 20, 2021। आज में बंगलादेश उच्चायोग के सामने एक विशाल आक्रोश प्रदर्शन को संबोधित करते समय विहिप के संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने विश्व हिन्दू परिषद(विहिप) ने कहा है कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार बर्बरता की सभी सीमाएं पार कर चुके हैं। यह संपूर्ण विश्व बिरादरी के लिए चुनौती है कि बांग्लादेश में इन बर्बर अत्याचारों को किस प्रकार रोका जाए। भारत सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती। बांग्लादेश सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पूर्ण निष्पक्षता के साथ सभी नागरिकों के जान माल की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। विश्व हिंदू परिषद हिंदू समाज पर हो रहे अत्याचारों को मूकदर्शक बनकर नहीं देख सकती।
उन्होंने पूछा कि जिस हिंदू ने संपूर्ण मानवता के कल्याण की कामना की उस हिंदू को अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में क्यों प्रताड़ित किया जा रहा है? क्या हिंदू की सभ्यता उसकी कमजोरी बन गई है? संपूर्ण विश्व बिरादरी को समझ लेना चाहिए यदि हिंदू समाप्त हुआ तो संपूर्ण विश्व में सभ्यता समाप्त हो जाएगी। इसलिए संपूर्ण विश्व बिरादरी को आगे आकर इस इस्लामिक कट्टरता का मजबूती से शमन करना चाहिए। भारत सरकार जितनी मजबूती से अफगानिस्तान और पाकिस्तान में हिंदुओं पर होने वाले अत्याचारों को उठाती है बांग्लादेश में होने वाले अत्याचारों के विरोध में इतनी मजबूती से नहीं खड़ी होती। इसलिए भारत सरकार को पूरी कठोरता के साथ शेख हसीना को इस बात के लिए मजबूर करना चाहिए कि वह हिंदुओं पर कोई दमन, कोई अत्याचार ना होने दें। भारत का टूल किट गैंग जो फिलिस्तीन के बारे में कुछ भी बोलता है बांग्लादेश पर बोलते समय यह क्यों कहता है कि यह किसी एक देश का आंतरिक मामला है? उनका दोगलापन इससे स्पष्ट होता है।
आज नागरिकता संशोधन कानून का महत्व सबको समझ में आ रहा है। पीड़ित हिंदू भारत में नहीं तो कहां जाएगा? हमने सभी पीड़ितों को शरण दी है तो हिंदू पीड़ित को क्यों नहीं? इसलिए सभी दलों को भी नागरिकता संशोधन कानून को लागू करने के लिए नियम लाने के लिए सरकार से निवेदन करना चाहिए। सरकार अविलंब इन कानूनों को लाए यह विहिप की अपील है। केंद्र सरकार को सांसदों का एक जांच दल बांग्लादेश में भेजना चाहिए जो बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों की पूर्ण जांच करके उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करें ।
इस कार्यक्रम को विश्व हिंदू परिषद दिल्ली के अध्यक्ष श्री कपिल खन्ना ने संबोधित करते हुए कहा कि हम किसी भी हालत में पूरी दुनिया में कहीं भी हिंदू पीड़ित होगा उस के पक्ष में आवाज अवश्य उठाएंगे और तब तक आवाज उठाते रहेंगे जब तक वह सुरक्षित ना हो जाए। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महंत श्री नवल किशोर दास जी आदि संतों ने हिंदू समाज की भावनाओं को व्यक्त किया और बांग्लादेश को चेतावनी दी कि जिस देश को भारत ने निर्माण किया है वह भारत का एहसान मानने की जगह भारत को और हिंदुओं को आंखें दिखाता है, भारत विरोधी और हिंदू विरोधी कार्य करता है। यह स्वीकार नहीं किया जा सकता। कार्यक्रम के अंत में डॉ सुरेंद्र जैन और श्री कपिल खन्ना ने बांग्लादेश उच्चा युक्त के पास जाकर वहां की प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन दिया जिसमें उनको आह्वान किया गया कि वे अपने देश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें क्योंकि हिंदू समाज ने बांग्लादेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान तो दिया ही है, अपने सभी नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए।

भवदीय
सुमित अलघ
सह-प्रचार प्रसार प्रमुख
इंद्रप्रस्थ विश्व हिंदू परिषद,
नई दिल्ली

Govt of Bharat should talk tough to Bangladesh to protect Hindus: Dr Surendra Jain

A fact finding team of our MPs should be sent to Bangladesh

New Delhi, October 20, 2021 - While addressing a massive protest demonstration in front of the Bangladesh High Commission here today, Vishva Hindu Parishad (VHP) Joint General Secretary Dr Surendra Jain said that the radical Jihadist atrocities on and persecution of the minority indigenous Hindu society in Bangladesh have crossed all limits of barbarism. It is a challenge for the entire world community as to how to stop these barbaric persecutions in Bangladesh! The Government of Bharat cannot shy away from its responsibility! The Government of Bangladesh should also fulfil its responsibility by ensuring the safety and security of life and property of all its citizens with complete fairness, objectivity and without any discrimination. Vishva Hindu Parishad cannot see the persecution of the Hindu society as a mute spectator.

He asked why the Hindu, who wishes all well for the welfare of the entire humanity, is being harassed in Afghanistan, Pakistan and Bangladesh? Has the Hindu civilization and culture become his weakness? The entire world community should understand and appreciate that if Hindu ends, then civilization and culture in the whole world will also end! Therefore, the entire world community should come forward and stoutly snuff this radical Islamic Jihadism, terrorism and wickedness from the face of the earth in favour of humanism. The government of Bharat stands not so strongly against the persecution of Hindus in Bangladesh as it does address similar situations taking place in Afghanistan and Pakistan! Therefore, the Government of Bharat should act tough and exert all appropriate pulls and pressures on the government of PM Sheikh Hasina, so that her government would proactively disallow any sort of persecution and discrimination of the indigenous minority Hindus of her country. Why does the tool-kit-gang of Bharat always talking Palestine very loudly, say that it is an internal matter of Bangladesh while talking about this country? Their two-facedness and duplicity is evident from this.

Today everyone is understanding and appreciating the importance of the Citizenship Amendment Act (CAA). Where will the victimised Hindu-Sikh go if not to Bharat? We have given shelter to all victims, so why not to Hindu victims? Therefore, all the political parties should also request the central government to bring rules to implement the Citizenship Amendment Act (CAA). The government should bring these laws immediately - this is the appeal of the VHP. The central government should send a fact finding team of MPs to Bangladesh to make a full investigation into the persecution of the indigenous minority Hindus in Bangladesh and make its report public.

While addressing this program, the President of Vishva Hindu Parishad-Delhi, Shri Kapil Khanna said that we will definitely raise our voice in favour of any Hindu victim anywhere in the world and will continue to raise our voice unless and until the safety and security of the Hindu victims is ensured. While addressing this programme, Mahant Shri Naval Kishore Das ji and other saints expressed the sentiments of the Hindu society and warned Bangladesh that the country, that Bharat was instrumental in establishment of, instead of acknowledging and accepting Bharat's favour, shows eyes to Bharat and Hindus and supports and patronises anti-Bharat and anti-Hindu activities. This is unacceptable! At the end of the programme, Dr. Surendra Jain and Shri Kapil Khanna went to the Bangladesh High Commissioner and gave a memorandum addressed to the Prime Minister of Bangladesh, in which she was called upon to ensure the safety and security of the indigenous minority Hindu society in her country as it played an important role in and contributed greatly towards the creation of Bangladesh, and above all it is the first and foremost duty of her government to provide safety and security to all the citizens, including nevertheless the Hindu citizens, of Bangladesh.

Sincerely
Sumit Alagh
Sah-Prachar Prasar Pramukh
Indraprastha Vishva Hindu Parishad, New Delhi

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