तबलीगी ज़मात पर भारत में भी लगे पूर्ण प्रतिबन्ध : आलोक कुमार



नई दिल्ली। दिसंबर 16 , 2021। तबलीगी जमात व उसके निजामुद्दीन मरकज की करतूतों के कारण भारत ही नहीं अपितु, सम्पूर्ण विश्व आज गम्भीर संकट में है। विश्व हिन्दू परिषद् ने इसे इस्लामिक कट्टरपंथ की फैक्ट्री व वैश्विक आतंकवाद का पोषक बताते हुए इस पर भारत में भी पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने की मांग की है. विहिप के केन्द्रीय कार्याध्यक्ष व सीनियर एडवोकेट श्री आलोक कुमार ने इस पर सऊदी सरकार द्वारा लगए गए प्रतिबंध का स्वागत करते हुए कहा है कि लोगों का जीवन संकट में डालने वाले तब्लीकी जमात के आर्थिक श्रोतों का पता लगाकर उसके बेंक खातों, कार्यालयों व कार्यकलापों पर भारत सहित सम्पूर्ण विश्व समुदाय द्वारा अबिलम्ब प्रतिबंध लगाया जाए. यह इस्लामिक कट्टरवादी संगठन रूस समेत विश्व के अनेक देशों में पहले से ही प्रतिबंधित है। इसके बावजूद, सऊदी सरकार के इस निर्णय के स्वागत की जगह कुछ भारतीय मुस्लिम संस्थाओं द्वारा विरोध किए जाने से आतंक-पोषण में उनकी भूमिका उन्होंने स्वयं स्पष्ट कर दी है। वास्तव में दारुल उलूम देवबंद ही तो उसका जन्मदाता है। 1926 में निजामुद्दीन से प्रारंभ तबलीग, हरियाणा के मेवात में धर्मांतरण की सफलता से उत्साहित होकर आज विश्व के 100 से अधिक देशों में करोड़ों लोगों को अपनी कुत्सित मानसिकता से संक्रमित कर उनका जीवन संकट में डाल चुकी है। देश के अनेक मस्जिदों व मदरसों व जिहादियों की बस्तियों में बरामद गोले-बारूद व पकड़े गए आतंकी कहीं ना कहीं इसी मानसिकता के प्रासाद थे। कौन नहीं जानता कि निजामुद्दीन मुख्यालय से प्रशिक्षित होकर लाखों तबलीगी बहाबी विचार के साथ संपूर्ण विश्व में मरकज, इज्तेमा, मस्जिदों व मदरसों में तकरीरों के माध्यम से कट्टरता व आतंक फैला रहे हैं। विश्व के अधिकांश आतंकी संगठनों को प्रारंभ करने वाले भी तबलीग से जुड़े रहे हैं। अमेरिकी ट्रेड सेंटर के हत्यारों से लेकर गोधरा में 59 हिंदुओं को जिंदा जलाने तथा स्वामी श्रद्धानंद की नृशंस हत्यारे धर्मांध मुस्लिम युवक अब्दुल रसीद का उर्स मनाने वालों के मरकज से सम्बन्ध जग-जाहिर हैं। विहिप की मांग है कि ; 1. भारत में तब्लीगियों, तबलीगी जमात और इज्तिमा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। 2. निजामुद्दीन मरकज के भवन और इससे जुड़े बैंक खातों को अविलंब सील किया जाए। 3. इन के आर्थिक स्रोतों का पता लगाकर इन को बंद कर देना चाहिए। 4. इसको प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से खाद-पानी देने वाली दारुल उलूम देवबंद व पीएफआई जैसी संस्थाओं पर भी नकेल कसी जाए। Ban on Tablighi Jamaat be imposed in Bharat too: Alok Kumar New Delhi, December 16, 2021 – Not only Bharat but the whole world is in serious trouble today due to the transgressions of the Tablighi Jamaat and its Nizamuddin Markaz. Calling it a manufacturing hub of radical Islamic Jihadism, the lone wolves and a host and patron of global terrorism, the Vishva Hindu Parishad has called for a complete ban on it in Bharat as well. Welcoming the ban imposed by the Saudi government on this Jamaat, VHP's Central Working President and Senior Advocate Sri Alok Kumar said that by finding out the financial sources of the Tablighi Jamaat, which is endangering the lives of people, immediate ban should be imposed by Bharat and the entire world community on its bank accounts, offices and activities. This radical Islamic fundamentalist organization is already banned in many countries of the world including Russia. Despite this, instead of welcoming the decision of the Saudi government, some Bharatiya Muslim organizations, with their protests against it, have exposed themselves and made their role in terror-rearing & fostering quite clear. In fact, Darul Uloom Deoband is its originator and designer. The Tabligh, taking off from Nizamuddin in 1920 CE and encouraged by its success in horizontal religious conversion activities in Mewat, Haryana, has today injected its sick mentality of pandemic proportions into the minds and hearts of millions of people in more than 100 countries across the world and infected them and put their lives in danger. The arms & ammunition recovered and the radical jihadi terrorists caught from many mosques, madrassas and settlements hosting terrorist sleeper cells across the country were somehow or the other the products of this fiendish mindset. Who does not know that lakhs of Tablighis armed with Wahabi worldview and agenda and trained from their Nizamuddin command & control centre have been proliferating bigotry, prejudices, anti-democratic mindset and terror through their jihadi speeches and lectures in Markaz, Ijtema, Mosques and Madarsas all over the world. The founders of most of the terrorist organizations of the world have also been associated with the Tabligh. The relations of all those – from the assassins of the American Trade Center (ATC) to the perpetrators of the burning of 59 Hindus alive in train bogey in Godhra and those celebrating the Urs of the Muslim lone wolf Abdul Rashid – the brutal murderer of Swami Shraddhanand – with the Markaz, is well known. VHP demands - 1. Complete ban on Tablighis, Tablighi Jamaat and Ijtima in Bharat be imposed; 2. The building of Nizamuddin Markaz and the bank accounts associated with it should be sealed; 3. Their economic sources and resources should be found out and plugged; 4. The authorities should also crack down on institutions and organizations like Darul Uloom Deoband and PFI that give direct or indirect nourishment to the Tablighis, Tablighi Jamaat and Ijtima.
Issued By

विनोद बंसल
राष्ट्रीय प्रवक्ता, विश्व हिंदू परिषद

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