केन्द्रीय प्रन्यासी मण्डल एवं प्रबंध समिति संयुक्त बैठक दि. 24,25,26 दिसम्बर 2021, श्री स्वामीनारायण सुवर्ण मुख्य मंदिर, जवाहर रोड, जूनागढ़ (गुजरात)



प्रेस विज्ञप्ति जूनागढ़ (गुजरात)। दिसंबर 24,2021. अखिल भारतीय साधू समाज के अध्यक्ष प0पू0 मुक्तानंद जी महाराज ने कहा हम चाहते हैं कि हमारा राष्ट्र विश्व का मार्गदर्शन करता रहे। देश विज्ञान में आगे बढ़े। देश की आर्थिक संपन्नता हो, समृद्धि हो हमारी संस्कृति रहे ताकि विश्व सुखी रहे। जिस राष्ट्र में हमने जन्म लिया, पले-बसे उस पर हम प्राण भी न्योछावर कर देंगे। देश में किसी प्रकार का विवाद न रहे सभी हिन्दू हमारे भाई हैं। इसी अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के अन्तर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष श्री अलोक कुमार जी ने कहा कि विहिप संतों के मार्गदर्शन पर कार्य करता है। इस बैठक का उद्देश्य कोरोना काल के बाद कार्यकर्ताओं के एकत्र होने से ही पूरा हो गया है। ये शताब्दी हिन्दू शताब्दी है। हम तीन दिन जूनागढ़ में आयोजित हो रही प्रन्यासी मण्डल की इस बैठक में रहकर अपने संकल्प को स्मरण करेंगे। विहिप 60 वर्ष का हो रहा है। इस अवसर पर हम अपनी कार्यवृद्धि और गुणात्मकता बढ़ाने पर विचार करेंगे। धर्मप्रसार, बजरंगदल, दुर्गावाहिनी के कार्य पर विचार करेंगे। पूरे विश्व के हिन्दुओं की चिंता करने वाली विहिप विश्व समन्वय बढ़ाने का विचार करेगी। उन्होंने कहा कि कुछ पीढ़ियों पहले जो हिन्दू मुसलमान बन गये थे उनके स्वधर्म पर वापस लेने का विशद अभियान करेंगे। धर्मप्रसार, धर्माचार्य, मठ-मंदिर, अर्चक-पुजारियों व धर्मयात्राओं पर कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ेगें। हितचिंतक अभियान में 40-50 लाख हितचिंतक बनायेंगे। समरसता के भाव को समाज में लाने का प्रयास करेंगे। जनजातीय जब धर्मांतरण करता है तो वह अपने सभी देवी-देवता और परम्परायें छोड़ देता है अतः उन्हें आरक्षण नहीं मिलना चाहिए इसका हम प्रयास करेंगे। इतना ही नहीं तो पर्यावरण रक्षा पर एक व्यापक योजना बनाकर काम करेंगे। इसाइयों ने 350 साल तक अत्याचार किया है, इसको लेकर पोप के भारत आने पर वो क्षमा मांगें व यह घोषणा करें कि सब धर्मों के प्रति आदर रखते हुए भारत में धर्मांतरण बन्द करने की मांग करेंगे। गुरु तेगबहादुर जी ने हिन्दुओं के अस्तित्व को बचाने के लिए अपना बलिदान किया था। अतः उनकी शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार करने के लिए देशभर में कार्यक्रम करेंगे, सम्मेलन करेंगे। जूनागढ़ के स्वामी नारायण सुवर्ण मुख्य मंदिर के परिसर में आयोजित प्रन्यासी मण्डल बैठक के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूज्य स्वामी श्री सद्गुरू कोठारी देवनंदन दास जी, पूज्य प्रेम स्वरूप प्रमुख स्वामी जी अ0भा0 साधू समाज के अध्यक्ष, पूज्य स्वामी मुक्तानंद जी, विहिप के अध्यक्ष पद्मश्री डा0 आर0एन0 सिंह जी, महामंत्री श्री मिलिन्द परांडे जी, जर्मनी, थाइलैंड, बांग्लादेश, नेपाल के पदाधिकारियों सहित विहिप के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। Press Release in English : Junagarh. Dec. 24, 2021: | President of Akhil Bharatiya Sadhu Samaj, Ven. Swami Muktanand Ji Maharaj said: “we want our nation to continue to guide the world. The country should progress in science, technology and engineering. There should be environment and ecology-friendly sustainable economic development and affluence of the country. Our holistic and altruistic Kulaachaar (culture) should flourish, so that the world gets to enjoy happiness, health and blessedness. We can also lay down our lives for the nation and country in which we were born and brought up. Let there be no dispute in the country – all Hindus are our own flesh and blood, kins, Rishi Santaans!” On this occasion, the International Working President of Vishva Hindu Parishad, Senior Advocate Shri Alok Kumar ji said: “VHP works on the guidance of saints. The purpose of this meeting has been fulfilled even simply by the gathering of the Karyakartas after the COVID-19 pandemic lockdowns. This century is the Hindu century. During these 3-day stay here together for the Board of Trustees meeting, we will remember our resolve and bolster our firmness and drive. VHP is turning 60 (in 2024 CE). On this occasion, we will consider enhancing the growth and quality of our work. We will consider boosting up the works of Dharmaprasar (home-coming of converted brethren), Bajrang Dal and Durga Vahini (Youth Wings of VHP). The VHP, which is also concerned about the Hindu diaspora, will think of enhancing its international coordination activities. He said that there would be a massive campaign to bring back to their Swadharma the Hindu brethren whose forefathers had been compelled to become Muslims through force, fraud and allurement a few generations back. We will proceed in the direction of working on Dharmaprasar, Dharmacharya, Math-Mandir (Monasteries-Temples), Archak-Purohits (Priests) and Dharmayatras (Pilgrimages). Through the Hitachintak campaign, 40-50,00,000 Hitachintaks (well-wishers) will be made. We will try to bring the spirit of harmony in society. When a tribal converts, he/she leaves behind and lets down all his/her indigenous deities and traditions, so he/she should not get the facilities of reservation – we will try to ensure this. Not only this, we will work on a comprehensive plan to protect the environment & ecology. Christians have persecuted, conducted genocides and mass executions for 350 years. So, when the Pope comes visiting Bharat next, he should apologize for all this and also showing respect for all religions should declare to stop horizontal religious conversions in Bharat. Hind di Chaadar Guru Tegh Bahadur ji had sacrificed his life for protecting Hindus from Mughal tyranny. Therefore, to propagate his teachings, we will organize programmes and conferences across the country!” In the inaugural programme of the Trust Board meeting held at the premises of Swami Narayan Suvarna Mukhya Mandir of Junagadh were present Ven. Swami Shri Sadguru Kothari Devnandan Das ji, Ven. Prem Swaroop Pramukh Swami Ji, Ven. Swami Muktanand Ji (President of Akhil Bharatiya Sadhu Samaj), President of VHP Padmashri Dr. RN Singh ji, Secretary General Shri Milind Parande ji, office bearers from Germany, Thailand, Bangladesh, Nepal and other senior officers of VHP.
Issued By

विजय शंकर तिवारी
केन्द्रीय प्रचार-प्रसार प्रमुख व प्रवक्ता,
विश्व हिन्दू परिषद,
@VHPDigital