विश्व हिन्दू परिषद-सेवा विभाग द्वारा संचालित सेवा प्रकल्पों पर श्रीरामजन्मोत्सव

April 13, 2022


रामनवमी के दिन सहित चैत्र नवरात्र के 9 दिन ही शक्ति और भक्ति की आराधना की दृष्टि से विशेष होते हैं।किन्तु आज का दिन उसके चरमोत्कर्ष का दिन माना जाता है। गुजरात, महाराष्ट्र के नगर-उपनगरों से लेकर सुदूर पूर्वोत्तर में असम के सिलचर, लद्दाख के काराकोरम, कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक ग्राम-कस्बों एवं अंडमान निकोबार द्वीप समूह तक।
विश्व हिन्दू परिषद-सेवा विभाग द्वारा संचालित सेवा प्रकल्पों,छात्रावासों सहित सर्वत्र एक ही भाव, एक जैसा उत्साह....हम राम के वंशज हैं..... आज राम के जन्मोत्सव पर हम उल्लसित हैं....भक्तिमय हैं।
देश में विगत कुछ वर्षों में हिंदू जागरण की दृष्टि से  विशिष्ट आयाम दृष्टिगोचर होता है कि ऐसे आयोजनों में सहभागी समूह में सर्वाधिक प्रतिशत स्वयंस्फूर्त युवाओं का,माताओं का, नवीन पीढ़ी के बालक-बालिकाओं का होता है। भारत के जनमानस में यह सुपरिवर्तन आल्हादकारी है।

जनमानस का यह जागरण अब उत्तरोत्तर बढ़ने ही वाला है।अपनी जिजीविषा से उनको पार करते हुए निरंतर अपनी अस्मिता को, संस्कृति को, परंपराओं को, धर्म पालन के भाव से अक्षुण्ण  रखता आया है। आगे भी यह प्रवाह अविरल बहेगा ही।
काल के इस संकेत को सभी पहचानें, इसी में सभी का हित है।

-अजेय कुमार पारीक 
केन्द्रीय सह मन्त्री
अ भा सह सेवा प्रमुख