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विश्व हिन्दू परिषद् एक परिचय
विश्व हिंदू परिषद (VHP) की स्थापना 29 अगस्त 1964 को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ पर्व पर भारत की संत शक्ति के आशीर्वाद के साथ हुई थी। विहिप का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, हिंदू धर्म की रक्षा करना, और समाज की सेवा करना है। भारत के लाखों गांवों और कस्बों में विहिप को एक मजबूत, प्रभावी, स्थायी, और लगातार बढ़ते हुवे संगठन के रूप में देखा जा रहा है। दुनिया भर में हिंदू गतिविधियों में वृद्धि के साथ, एक मजबूत और आत्मविश्वासी हिंदू संगठन धीरे-धीरे आकार ले रहा है।

स्वास्थ्य, शिक्षा, आत्म-सशक्तिकरण, ग्राम शिक्षा मंदिर आदि के क्षेत्रो में 100000 से अधिक सेवा परियोजनाओं के माध्यम से विहिप हिंदू समाज की जड़ो को मजबूत कर रहा है।

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विहिप हिंदू समाज में व्याप्त अस्पृश्यता जैसी सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन के निरंतर प्रयासों के माध्यम से, समाज को विमुक्त, और अंतर्निहित हिंदू एकता को पुनर्जाग्रत करने के लिए समाज का कायाकल्प कर रही है.

विहिप अपने मूल मूल्यों, विश्वासों और पवित्र परंपराओं की रक्षा के लिए श्री रामजन्मभूमि, श्री अमरनाथ यात्रा, श्री रामसेतु, श्री गंगा रक्षा, गौ रक्षा, हिंदू मठ-मंदिर मुद्दा, ईसाई चर्च द्वारा हिंदुओं का धर्मांतरण, इस्लामी आतंकवाद, बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठ ,जैसे मुद्दों को उठाकर हिंदू समाज की अदम्य शक्ति के रूप में स्वयं को स्थापित कर रही है.
विहिप का प्रभाव
हिंदू धर्म के सभी संप्रदायों (धर्मों) के सभी धर्माचार्यों का एक मंच पर एकत्रीकरण ।
हिंदू समाज की सेवा करने की प्रवृत्ति विकसित करने के साथ, सेवा परियोजनाओं की विस्तृत श्रृंखला की संस्थापना ।
सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन में अथक प्रयासो के साथ अपार सफलता।
समाज में हिंदू गौरव और एकता की बढ़ी हुवी अभिव्यक्ति।
हाल के दिनों में अपने मूल हिंदू धर्म में लाखों लोगों की स्वैच्छिक घर वापसी या 'परावर्तन'।

श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण निधि समर्पण अभियान -
अयोध्या में भगवान श्री राम की जन्मभूमि पर भव्य मन्दिर निर्माण के लिए विश्व का सबसे बड़ा 44 दिवसीय जनसंपर्क अभियान संचालित किया गया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की ओर से अधिकृत किए जाने पर यह "निधि समर्पण अभियान" मकर संक्रान्ति से माघ पूर्णिमा (15 जनवरी से 27 फरवरी 2021) तक सम्पूर्ण देश में चला। पाँच लाख सैंतीस हजार उन्नीस गाँव में निधि समर्पण के लिए कार्यकर्त्ताओं की टोलियाँ गयीं। इस अभियान में 20 लाख रामभक्त कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।12 करोड़, तिहत्तर (73 ) लाख, चार हजार, एक सौ पैंतीस परिवारों से सम्पर्क हुआ रामभक्तों ने हृदय से समर्पण किया। अब भगवान का भव्य मन्दिर बनकर तैयार होने वाला है। यह मन्दिर निर्माण विश्व की बड़ी ऐतिहासिक सफलता है। संपूर्ण विश्व के हिंदू समाज की आस्थाओं और आशाओं का केंद्र बन गया है। इसके विभिन्न कार्यों और आंदोलनों के कारण आज हिंदू दर्शन संपूर्ण विश्व के केंद्र में आ गया है।

Padmshri Dr. R N Singh Ji Patna President
Advocate Shri Alok Kumar Ji New Delhi Working President
Shri Milind Parande Ji New Delhi Secretary General
Shri Vinayakrao Ji Deshpande New Delhi Organizing Secretary General
Shri Omprakash Ji Singhal New Delhi Vice President
Shri Hukumchand Sawala Ji Indore Vice President
Dr. Vijayalakshmi Deshmane Ji Bengaluru Vice President
Shri Jiveshwar Mishra Ji New Delhi Vice President
Shri Champatrai Ji New Delhi Vice President
Shri G Gangaraju Ji Vijaywada Vice President
Shri Ashokrao Ji Chowgule Mumbai Vice President
Shri Sushil Ji Saraff Bangkok Thailand Vice President
Shri Ramesh Ji Jain Frankfurt Germany Vice President
Shri Ramesh Modi Ji Raipur Chief Treasurer
Shri Rameshji Gupta Faridabad Treasurer
Shri Srigopal Jhunjhunwala Ji Kolkatta Treasurer
Swami Vigyananand Ji Maharaj New Delhi Jt. General Secretary
Dr. Shri Surendrakumar Ji Jain Rohtak Jt. General Secretary
Shri Venkat Koteshwar Rao Ji New Delhi Jt. General Secretary
Shri Sthanumalyan Ji Bengaluru Jt. General Secretary
Shri Bajrang lal Ji Bagra New Delhi Jt. General Secretary

कार्य विभाग (Dimensions )

  • सेवा विभाग (Seva Vibhag) : सेवा प्रकल्प 
  • धर्म प्रसार (DharmPrasar):
  • गोरक्षा (GauRaksha)
  • धर्माचार्य सम्पर्क (DharmacharyaSampak)
  • सामाजिक समरसता (SamajikSamrasata)
  • प्रचार प्रसार (Media and Publications)
  • मठ मंदिर (Mutt – Mandir)
  • संस्कृत (Sanskrit)
  • ग्राम शिक्षा मंदिर, कथाकार (Gram shikshamandir, kathakar)
  • अर्चक पुरोहित (Archak – Purohit)
  • धर्मयात्रा महासंघ (Dharma YatraMahasangh)
  • सत्संग (Satsang)
  • बजरंग दल (Bajrang Dal)
  • दुर्गावाहिनी (Durgavahini)
  • मातृशक्ति (Matrushakti)

हिन्दू विश्व – Hinduvishva
हिन्दू चेतना – Hinduchetna
ഹിന്ദുവിശ്വ-മലയാളം- Hinduvishva Malayalam
విశ్వ హిందు – Vishv Hindu
ಹಿಂದು ವಾಣಿ – Hinduvani
हिंदू बोध -Hindubodh
বিশ্ব হিন্দূ বার্তা – Vishva Hindu Varta
समरसता सेतू -Samarasta Setu
गोसम्पदा – Gosampada
अभिव्यक्ति सौरभम् – Abhivyakti Saurabham

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