सनातन विरोधी बयान दुर्भाग्यपूर्ण, विधानसभा की कार्यवाही से हटाया जाए : आलोक कुमार



प्रेस वक्तव्य:

 

नई दिल्ली। मई 13, 2026। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता श्री आलोक कुमार ने तमिलनाडु विधानसभा में में दिए गए उदय निधि स्टालिन के सनातन विरोधी वक्तव्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि क्या वे इस प्रकार का वक्तव्य किसी अन्य मज़हब के विरुद्ध भी देने का साहस कर सकते हैं? सनातन हिंदू धर्म और उसकी आस्थाओं को निरंतर अपमानित करना लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के भी विपरीत है। नेता विपक्ष के इस बयान को अविलंब विधानसभा की कार्रवाई से निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अत्यंत विडंबनापूर्ण स्थिति है कि जिन परिवारों और राजनीतिक दलों को स्वयं सनातन परंपराओं, मंदिरों और हिंदू समाज से प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष लाभ प्राप्त होता है, वही लोग सनातन को समाप्त करने की बातें कर रहे हैं। तमिलनाडु सरकार को राज्य के प्रसिद्ध मंदिरों और सनातन परंपरा से जुड़े धार्मिक स्थलों से पर्याप्त राजस्व प्राप्त होता है, इसके बावजूद सनातन विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन करना उसी थाली में छेद करने जैसा है। श्री आलोक कुमार ने कहा कि तमिलनाडु के नवीन मुख्यमंत्री को भी इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि उनकी सरकार सनातन परंपरा और हिंदू आस्थाओं के सम्मान के पक्ष में है अथवा वह ऐसे विभाजनकारी और दुर्भावनापूर्ण हिंदूद्रोही वक्तव्यों का समर्थन करती है। श्री आलोक कुमार ने मांग की कि इस प्रकार के घोर आपत्तिजनक और विभाजनकारी वक्तव्य को विधानसभा की कार्यवाही से तत्काल हटाया जाए तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएँ। विहिप अध्यक्ष ने कहा कि सनातन हिंदू धर्म तमिलनाडु सहित पूरे भारत की सांस्कृतिक आत्मा है। इतिहास साक्षी है कि सनातन को समाप्त करने का प्रयास करने वाली अनेक विचार धाराएँ स्वयं समाप्त हो गईं, किंतु सनातन आज भी उतनी ही शक्ति, श्रद्धा और व्यापकता के साथ समाज का मार्गदर्शन कर रहा है और आगे भी करता रहेगा।

 

Video Statment : 

English : https://youtu.be/cL5Nhof9yVo?si=c3LYcTnPUboo4O4t

Hindi : https://youtu.be/6xsx98Q9k7Y?si=Iiq2qdbWLHN0bZE2

Issued By
जारीकर्ता: विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता विश्व हिंदू परिषद