आदि शंकराचार्य जयंती पर उनके जन्म स्थल पर बोले विहिप अध्यक्ष... बिछुड़े बंधुओं को स्वधर्म में लायेंगे, सभी को गले लगाएंगे



प्रेस विज्ञप्ति:

कालड़ा, एर्नाकुलम (केरलम्)। अप्रैल 21, 2026। एकता, प्रेम व मानवीय जीवन मूल्यों के साथ अद्वैत वेदांत के प्रणेता आदि शंकराचार्य जी की जयंती पर विश्व हिंदू परिषद ने आज एक संकल्प लिया कि गत 1000 वर्षों में किन्हीं कारणों से हिंदू धर्म से बिछुड़े बंधुओं को हम स्वधर्म में लाएंगे। विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने आदि शंकराचार्य जी की, केरलम के कोच्चि - एर्नाकुलम के निकट कालड़ी में स्थित पावन जन्म भूमि पर एकत्र श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि पूज्य आदि शंकराचार्य जी ने संपूर्ण मानवता और उनके कल्याण के लिए काम किया। वहीं दूसरी ओर विश्व में कुछ लोग आज सिर्फ किसी एक पुस्तक या विचार से बंधकर और बांधकर अपने कट्टरपंथी विचार थोपना चाहते हैं जो कि मानवता के लिए चुनौती बनता जा रहा है। हम उस चुनौती को स्वीकार कर विश्व को उस विध्वंसक विचार से बचाते हुए स्वधर्म में लायेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पू आदि शंकराचार्य जी ने तो उनके रास्ता रोकने वाले चांडाल को भी गुरु माना तो आखिर हिंदू समाज में अस्पृश्यता या जातिगत भेदभाव कहां से आया! हम हिंदू समाज में शेष बचे इस कोढ़ को भी मिटा कर रहेंगे। उन्होंने वहां निकाली गई एक पवित्र धार्मिक यात्रा में भी सहभागिता की। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के सदस्य पूज्य स्वामी सत स्वरूपानंद जी महाराज, पूज्य स्वामी तीर्थानंद जी, कोचिंग शिपयार्ड के सेवा निवृत्त अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक श्री मधु एस नायर जी, अलुवा जिला संघ चालक जस्टिस श्री सुंदरम गोविंद तथा पदमश्री कुंजोल मास जी भी उपस्थित थे।

 

Image

Image

Image

Image

Issued By
विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता विश्व हिंदू परिषद